facts in hindi - amazing Facts in hindi: August 2021

Friday, 20 August 2021

जाने दुनिया के दस सबसे अमीर देश || हिन्दी में

जाने दुनिया के दस सबसे अमीर देश || हिन्दी में



दोस्तो आज आप जानेंगे कि दुनिया के वह कौन-से 10 अमीर देश है। उनमे से कुछ अमीर देश कभी गरीबी का शिकार थे और आज वह इतनी तेजी से बढ़ रहे है कि अमीर देशो की सूची में आ गय है और आज आप यह भी जानेंगे कि भारत का स्थान 10 अमीर देशो की सूची में कहा है तो चलिए शुरू करते है।


10. नम्बर 10 में आता है इटली आप में से ज्यादातर लोगो ने इसका नाम तो सूना ही होगा। यह युरोप का चौथा सबसे अमीर देश है। दोस्तो इस देश की जनसख्या की बात करें तो इस देश की जनसख्या भारत के मुकाबले बहुत कम है।इटली के कई सारे व्यापारिक स्रोत है। पर्यटन,बैंकिंग और कृषि ने इटली को आगे बढ़ाने में प्रमुख योगदान दिया है। इटली में काफी लोग ऐसे है जो इटली को अमीर बनाने में काफी योगदान देते है। इटली की कुल सम्पत्ति 4276 अरब डाॅलर है।


9. दोस्तो नोवे नम्बर पर आता है आॕस्ट्रेलिया अधिकतम लोगो ने इसका नाम तो सुना होगा। इस देश को अमीर देशो की सूची मे नोवे नम्बर पर देखा जाता है। लेकिन दोस्तो कुछ लोग सोचते है यह बस बंजर और सूखी जमीन पर बसता है लेकिन इनके पास खनिज भंडार भी है दोस्तो। यह देश खाद्ध उत्पादन में काफी समृध्द है। इस देश के लोग शिक्षित है जो कि इस देश को अमीर बनाने में काफी योगदान देता है। दोस्तो अगर हम इसकी सम्पत्ति की बात करें तो इसकी कुल सम्पत्ति 6142 अरब डाॅलर है।


8. तो दोस्तो आईए अब बात करते है 10 अमीर देशो की सुची के आँठवे नम्बर के देश की यह देश कनेडा है। क्या आपको पता है दोस्तो कि कनेडा रशिया के बाद दुनिया का सबसे बड़ा देश है।यह देश अमेरिका का भी पड़ोसी है।कनेडा की गिनती विकसित देशो में होती है। भारत देश में भी कनेडा की बहुत-सी कम्पनियाँ काम कर रही है।यह देश अपना व्यापार बढ़ाने की भी कोशिश कर रहा है।कनेडा की कुल सम्पत्ति की बात करे तो इस देश की कुल सम्पत्ति 6393 अरब डाॅलर है। 


7. दोस्तो साँतवे नम्बर पर आता है फ्रांस यह युरोप का तीसरा और दुनिया का साँतवा सबसे अमीर देश है। दोस्तो यह देश भारत के मुकाबले काफी छोटा है। इस देश की जनसंख्या भी कम है। लेकिन फ्रांस अपने हथियार,फैशन और तकनिकी सेवाओं और पदो से अपने समृध्द निर्याद के लिए जाना जाता है। भारत देश से भी फ्रांस का हथियारो का व्यापार होता है। अन्य देश भी फ्रांस से हथियारो का व्यापार करते है। इस देश को मजबूत वह अमीर बनाने में हथियारो का व्यापार काफी योगदान देता है। अगर हम फ्रांस की कुल सम्पत्ति की बात करें तो यह है 6649 अरब डाॅलर


6. और दोस्तो दुनिया के 10 सबसे अमीर देशो की सूची में छटवें नम्बर पर आता है भारत दोस्तो भारत एशिया का तीसरा सबसे अमीर देश है। भारत ने अपने बीते सालो में काफी गहरी तरक्की की है दोस्तो हालांकि आज भी भारत को बहुत से देश गरीब देश के रूप में देखते है लेकिन भारत दुनिया के 10 सबसे अमीर देशो की सूची में आता है। जब भारत को आजादी मिली थी तब उस समय भारत काफी आर्थिक तंगी से गुजर रहा था दूर-दूर तक कोई पढ़ा लिखा नही था। लेकिन समय के साथ - साथ भारत अमीर होता गया। मगर दोस्तो आज भी भारत में काफी गरीब लोग है जो शिक्षित नही है। लेकिन आज भी भारत में काफी अमीर लोग है जिनका व्यापार भारत में ही नहीं बाहर देशो में भी चलता है जो भारत को अमीर बनाने में काफी मदद कर रहें है। अगर भारत के लोग ऐसे ही व्यापार करते रहे तो भारत को दुनिया के 3 सबसे बड़े देशो में गिना जाएगा आने वाले कुछ सालो में भारत में साधारण घर नही रहेंगे बल्कि बड़ी बहुमंजिला इमारतें होगी और भारत देश की सम्पत्ति की बात करें तो भारत देश के पास कुल सम्पत्ति 8230 अरब डाॅलर है।


5. 10 सबसे अमीर देशो की सूची में पाँचवे नम्बर पर आता है जर्मनी दुसरे विश्व युध्द के बाद जर्मनी को काफी नुकसान हुआ था। लेकिन दोस्तो इसके बाद भी जर्मनी ने काफी तरक्की की है। जर्मनी  ब्रिटेन की तरह एक छोटा- सा देश है। दोस्तो यहाँ की जनसंख्या काफी कम है लेकिन इस देश के प्रत्येक नागरिक की आर्थिक आय बहुत अच्छी है। इस देश में काफी कम लोग गरीब है। युरोप की अमीर देश की बात करें तो जर्मनी की कुल सम्पत्ति 9660 अरब डाॅलर की है।


4. दोस्तो चौथे नम्बर पर आता है ब्रिटेन। यह देश दुनिया के अधिकतम देशो में शासन कर चुका है। ब्रिटेन एक छोटा देश होते हुए भी एक बहुत ही अमीर देश है इस देश की जनसंख्या भी बहुत कम है और देश का प्रत्येक नागरिक शिक्षित हैं। इसकी अर्थव्यावस्था में इसकी कम्पनियाँ और यहाँ के अरबपतियों और हथियारो के निर्याद का काफी योगदान है। ब्रिटेन की सम्पत्ति की बात करें तो इसकी कुल सम्पत्ति है 9919 अरब डाॅलर की। 


3. तीसरे नम्बर पर है दोस्तो जापान एशिया का दुसरा सबसे अमीर देश। जापान अपनी टेकनोलोजी अथवा अविष्कारों के चलते दुनिया भर में काफी मशहुर है दोस्तो। दुसरे देशो के मुकाबले जापान की टेकनोलोजी काफी आगे है। जापान हथियार,अन्य सेवाओं उत्पादो सहित अपने समृध्द निर्यात के लिए जाना जाता है। आपको बता दें दोस्तो कि भारत के साथ जापान के काफी अच्छे सम्बन्ध है। और दोनो देश मिलकर भारत में बुलेट ट्रेन शुरू करने जा रहें है। आपको जानकर हैरानी होगी दोस्तो कि जापान का साक्षरता दर 100% है इसका मतलब इस देश के सारे लोग पढ़े लिखे है। बात करें जापान की कुल सम्पत्ति की दोस्तो जापान की कुल सम्पत्ति है 19522 अरब डाॅलर।


2. दोस्तो दुसरे नम्बर पर आता है भारत का पड़ोसी देश चीन इस देश ने अपने व्यापार के चलते काफी तरक्की की है। दोस्तो चीन ने बाकी देशो के मुकाबले काफी तरक्की की है। दोस्तो ज्यादातर देशो में मेड इन चाईना का सामान मिलता है यहाँ तक कि भारत में भी मेड इन चाईना का सामान मिलता था हाँलाकि अब तो भारत ने चीन से व्यापार बंद कर दिया है। अब चीन की कुल सम्पत्ति की बात करें तो कुल सम्पत्ति 24803 अरब डाॅलर है।


1. अब बात करते है अमीर देशो की सूची में पहले नम्बर के देश की तो पहले नम्बर पर आता है यूनाइटेट स्टेट यानि अमेरिका यह देश दुनिया के सबसे विकसित देशो में जाना जाता है और विकसित देश भी क्यो न हो क्योकि दोस्तो जितनी भी विकसित कम्पनियाँ है यह सब अमेरिका से ही है जैसे : गूगल, अमेजोन और माइक्रोसोफ्ट इत्यादि और इसके अलावाँ बात करें सबसे अमीर आदमियों की तो सबसे ज्यादा अमीर आदमी अमेरिका के ही है जो अमेरिका को अमीर बनाने में काफी मदद करते हैं। बात करें अमेरिका की कुल सम्पत्ति की इसकी कुल सम्पत्ति 64584 अरब डाॅलर है। 



उम्मीद है आपको यह जानकारी अच्छी लगी होगी



धन्यवाद!

Wednesday, 18 August 2021

कम्प्युटर का अविष्कार किसने किया और कैसे हुआ || जाने हिन्दी में

कम्प्युटर का अविष्कार किसने किया और कैसे हुआ।। जाने हिन्दी में



आज के समय में कम्प्युटर और डिजिटल जीवन ही सबकुछ है। अठारवी सताब्दी से पहले के समय में ऐसा कुछ नही था। अठारवी सताब्दी के बाद डिजिटल जीवन का निर्माण होना शुरू हुआ। अठारवी सताब्दी से पहले किसी ने यह सोचा भी नही था कि आने वाला समय इतना डिजिटल हो जाएगा। और यही वजह है कि जब कम्प्युटर का अविष्कार हुआ तो सब हैरान थे। कम्प्युटर का अविष्कार चार्रल्स बेब्बज ने किया था।इन्हे फादर ओफ कम्प्युटर भी कहाँ जाता है। चार्रल्स बेब्बज एक मेथमेटिशियन, फिलोसफर, इनवेटर ओफ मकेनिकल इंजिनियर थे।इन्होंने एक डिजिटल प्रोगानेबल कम्प्युटर का अविष्कार करा और पुरे विश्व में इतिहास रच दिया। इन्ही की वजह से आज आप और हम लोग कम्प्युटर चला पा रहे है।चार्रल्स बेब्बज का जन्म 26 दिसम्बर सन् 1791 को लंडन,इंगलैंड मे हुआ था। इनके पिता का नाम बेजनामिन बेब्बज था और माँ का नाम बेटसी प्लगलिग थिप था। चार्रल्स बेब्बज के पिता लंडन मे बैंकर थे। वह चार भाई बहन थे। जिनमे से बस चार्रल्स और उनकी बहन मैरी ऐनी ही जिंदा बच पाए।

पहले तो चार्रल्स बेब्बज की शिक्षा उनके घर मे ही होती थी। उन्हे घर में शिक्षक पढ़ाने आते थे। चार्रल्स बेब्बज गणित(Maths)में काफी होशियार थे।वे गणित में ही ढूबे रहते थे।फिर बाद में उनका 30 बच्चो वाली होम्सवुड एकेडमी मे दाखिला करा दिया गया।वहाँ उन्हे गणित की बहुत-सी किताबे मिल जाया करती थी।चार्रल्स बेब्बज को गणित के प्रश्न हल करने मे बड़ा मजा आता था।चार्रल्स बेब्बज ने सन् 1810 में आगे की पढ़ाई के लिए केमब्रिड युनिवर्सटी के ट्रिन्टी काॅलेज में दाखिला ले लिया और चार्रल्स बेब्बज कोन्टेम्प्रेरी मेथामेटिक्स के कुछ भागो को स्वयं ही अध्ययन किया करते थे। वह रोबर्ट वुडहाऊस, जोसपिलोसिस लेगरेंज और मैरी एगनेसी को पढ़ा करते थे। जिसका नतिजा यह हुआ कि युनिवर्सटी मे दी जाने वाली शिक्षा उनके लिए बिल्कुल पर्याप्त नही थी। फिर वे उदास हो गय और फिर बाद में चार्रल्स बेब्बज और उनके दोस्तो ने मिलकर एनालेसिस सोसायटी का गठन किया सन् 1812 में चार्रल्स बेब्बज को पीटरहाऊस केमर्बेज भेज दिया गया था। चार्रल्स बेब्बज वहाँ के सबसे बड़े मेथामेटिशियन थे।सन् 1814 में उन्हे बिना परीक्षा दिए उन्हे उनकी डिग्री भी मिल गयी।चार्रल्स बेब्बज का ग्रेजुऐशन होने के बाद उन्होंने कई नौकरियों के लिए आवेदन किया था। लेकिन आवेदन स्वीकार नही किए गए थे। कई बार चार्रल्स बेब्बज ने काॅलेज के प्रोफेसर के लिए आवेदन किया लेकिन वह आवेदन स्वीकार नही किए गए थे क्योकि उनके पास किसी की भी सिफारिश नही थी। फिर सन् 1815 में चार्रल्स बेब्बज को रोयल इन्स्टट्युड में भाषण देने का मौका मिला। यहाँ पर चार्रल्स बेब्बज ने खगोल विज्ञान पर भाषण दिया था। फिर इसके बाद चार्रल्स बेब्बज ने ज्यार्स्जिना वेटमोर्क्स से शादी की फिर उनके 8 बच्चे हुए। जिनमें से सिर्फ तीन बच्चे ही जिन्दा रह पाए। सन् 1819 चार्रल्स बेब्बज ने अर्षल के साथ पेरिस में सोसाईटी ओफ हर्षल का दोरा किया। जहाँ पर फ्रेन्च मेथामेटीशियन और फिजिशिय्स की मिटींग हो रही थी। उस समय चार्रल्स बेब्बज ने युनिवर्स्टी ओफ इंडवर्ज में प्रोफेसर के लिए आवेदन किया था। पेरिश शिमा रेपलेश की सलाह से लेकिन फिर भी यह पोस्ट विलयम वेलन को दे दिया गया। चार्रल्स को नहीं। फिर सन् 1825 में चार्रल्स ने अर्षल के साथ इलेक्ट्रोडायनमिक ओफ अरागोस रोटेसन पर काम किया। फिर बाद में चार्रल्स और अर्षल ने मिलकर इलेक्ट्रो मेगनेटीक थ्योरी पर काम किया था जो कि अम्बेयर फाॅर्स लाॅ के बहुत ही करीब था। सन् 1820 में चार्रल्स ने रोयल एस्ट्रोनोमिकल सोसाईटी की शुरूआत की इसका उद्देश्य था एस्ट्रोनोमिकल केलकुलेशन को आसान बनाना और सन् 1824 में उन्होंने मेथामेटीकल एस्ट्रोनोमिकल टेबल्स को केलकुलेट करने के लिए एक ईंजन बनाया जिसका नाम उन्होंने डिफेंस ईंजन रखा और इस अविष्कार के लिए उन्हे गोल्ड मेडल मिला। इस अविष्कार के बाद चार्रल्स की उत्सुकता बढ़ती गयी। फिर इससे भी बहतर मशीन बनाने के लिए काम करते रहे। अविष्कार होते ही इसका नाम एनलटीकल ईंजन रखा गया। यह मशीन केलकुलेशन करने मे बहुत काम आई जिससे समय और महनत दोनो कम लगते थे।


यह मशीन बहुत बड़ी थी और इसको बनाने में बहुत खर्चा लगा।इस मशीन को बनाने के लिए चार्रल्स को ब्रिटिश सरकार ने पैसे दिए थे। यह मशीन बहुत बड़ी और भारी थी। इस मशीन का ईंजन भाप से चलता था। इस मशीन को पन्च कार्ड का इस्तेमाल करके प्रोगाम किया गया था। इसी मशीन के कारण आधुनिक कम्प्युटर का निर्माण हुआ था। जिसका कि चार्रल्स बेब्बज की बनाई मशीन के बाद अलग - अलग वेज्ञानिको ने अलग - अलग काम करके कम्प्युटर को अपग्रेड करके और बहतर बनाया।यही कारण है कि आज भी चार्रल्स बेब्बज को फादर ओफ कम्प्युटर भी कहते है। इन्ही के अविष्कार से आज हम डिजिटल दुनिया देख पा रहे है। फिर बाद में 18 ओक्टुबर सन् 1871 में चार्रल्स बेब्बज की मृत्यु हो गई।



और अगर आप ऐसे ही रोचक तथ्यो व जानकारी लेना चाहते है तो आप उपर त्री डोट पर टच करके डेक्सटोप साईट लगाइए और थोड़ा साइड करके हमे फोलो कर सकते है। जिससे कि आने वाले रोचक तथ्यो की नोटीफिकेशन आपके पास उसी वक्त पहुच जायगी।


धन्यवाद!





Saturday, 14 August 2021

सऊदी अरब के रोचक तथ्य

 आइए जानते है सऊदी अरब के वह रोचक तथ्य जिन्हे आप नही जानते होंगे। वैसे तो सऊदी अरब को हर देश एक कंट्रोवर्शियल देश के रूप मे देखते है। यहाँ के नियम वह कानून इतने सख्त है कि कई बार मानव अधिकारो का भी उल्लंघन हो जाता है।



यहाँ पर महिलाओ के साथ होने वाला बर्ताव किसी से छुपा हुआ नही है। इसलिए आज हम आपको सऊदी अरब के कुछ रोचक तथ्य बता रहे है। 



 सऊदी अरब के रोचक तथ्य

सऊदी अरब में दुनिया का सबसे बड़ा ओयल फिल्ड है। इस ओयल फिल्ड को घावर ओयल फिल्ड के नाम से जाना जाता है। एक अनुमान के मुताबिक यह बताया गया है कि इसमे 75 अरब बैरल तेल मौजूद है। जिस से करीबन 4,770,900 स्विमिंग पूल भरे जा सकते हैं।


सऊदी अरब मे करीबन 8,412,000 हजार मजदूर काम करते हैं और इसमे 80 फीसदी मजदूर विदेशो के है और यह सभी मजदूर अधिकांश रूप से तेल सर्विस सेन्टर मे ही काम करते हैं। सऊदी अरब मे भारत देश के व्यक्ति भी काम करते है।


आप यह बात जानकर हैरान रह जाएंगे कि सऊदी अरब मे गैर मुस्लिम नागरिकता लेने का अधिकार नही है और गैर मुस्लिम धर्म को मानने वाले लोगो को अपने धार्मिक स्थल बनाने की भी इजाजत नहीं है।


सऊदी अरब मे ऊँटो की सबसे बड़ी मन्ठी है यहाँ पर रोजाना 100 ऊँट खरीदे जाते है। यह मन्डी रियाद मे है।


साऊदी अरब मे कोई नदी है सऊदी अरब के अलावा 16 ऐसे देश है जहाँ नदी नही है।


सऊदी अरब का सैनिक खर्च अफगानिस्तान की जीडिपी से करीबन 3 गुना ज्यादा है। चीन,अमेरिका और रूस के बाद सेन्य खर्च मे सबसे अधिक खर्चा करने वाला देश सऊदी अरब है।




सऊदी अरब के सबसे खतरनाक कानून 

                   

सऊदी अरब मे कोई चोरी करता है तो उसका दाया हाथ काँट दिया जाता है फिर चाहे वो चोरी एक सुई की ही क्यो न हो।


साऊदी अरब मे महिलाओ को कुछ खास मानव अधिकार नही दिए जाते यहाँ की महिलाएँ हवाई जहाज तो उड़ा सकती है लेकिन कार नही चला सकती यहाँ महिलाओ का कार चलाना बेन है। 


जैसा कि आपको पता है सऊदी अरब मे महिलाओ को कुछ खास अधिकार नही दिए जाते तो सऊदी अरब मे यह कानून है कि वहाँ की महिलाएँ जब भी बाहर निकले तो हाथ और आँख के अलावा बाकी पूरा शरीर ढका हुआ होना चाहिए।


सऊदी अरब मे वैलन टाईम डे नही बना सकते यहाँ वैलन टाईम डे बनाने पर बेन है।




अगर आपको इस वेबसाइट से कोई शिकायत है तो आप कोमेंट मे लिख सकते है।       धन्यवाद!

जाने दुनिया के दस सबसे अमीर देश || हिन्दी में

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